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Monday, April 6, 2020

देहरादून और अल्मोड़ा में पांच और जमाती मिले कोरोना पॉजिटिव, संक्रमितों की संख्या पहुंची 31 : Uttarakhandsmachar

Coronavirus Uttarakhand: देहरादून और अल्मोड़ा में पांच और जमाती मिले कोरोना पॉजिटिव, संक्रमितों की संख्या पहुंची 31

Updated Mon, 06 Apr 2020 08:31 PM
उत्तराखंड में पांच और कोरोना पॉजिटिव मामले सामने आए हैं। इसमें एक अल्मोड़ा और चार देहरादून से हैं। ये सभी लोग दिल्ली की जमात में शामिल होकर लौटे थे। इसके साथ ही अब प्रदेश में संक्रमित मरीजों की संख्या 31 पहुंच गई है। डीजी हेल्थ डॉ. अमिता उप्रेती ने पांच मरीजों में कोरोना संक्रमण होने की पुष्टि की है।

देहरादून में संक्रमित मरीजों को सुद्धोवाला स्थित क्वारंटीन सेंटर और दून अस्पताल में रखा गया है। प्रदेश में अब तक आए मरीजों में से पांच मरीज अपने घर ठीक होकर लौट चुके हैं। प्रदेश में अब तक 1141 लोगों के सैंपलों की जांच हो चुकी है जिसमें से 31 केस पॉजिटिव आए हैं। करीब 144 सैंपल की रिपोर्ट अभी आनी बाकी है।

डीजीपी के निर्देश के बाद सामने आए जमाती

उत्तराखंड डीजीपी के निर्देश के बाद जमात में गए लोग खुद सामने आ रहे हैं। रुद्रपुर में एसपी सिटी देवेंद्र पिंचा ने बताया कि अब तक जिले में  15 जमाती खुद निकलकर आए हैं। इन सभी का मेडिकल करवा कर क्वारंटीन किया जा रहा है। 

पुलिस महानिदेशक ने चेतावनी जारी की है कि छिपे हुए जमातियों के पास सोमवार तक पुलिस के सामने आने का आखिरी मौका है। यदि उसके बाद कोई पकड़ा जाता है तो उस पर हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

तीन कॉलोनी हो चुकीं सील, रुड़की का एक गांव भी सील

देहरादून में लगातार मामले बढ़ने के बाद भगत सिंह कॉलोनी, डिफेंस कॉलोनी और कारगी ग्रांट स्थित बस्ती में आवाजाही नियंत्रित करने के बाद रविवार को तीनों ही जगह को  सील कर दिया गया। क्षेत्रों की लगभग दस हजार की आबादी अब अपने घरों में बंद है।

इससे पहले प्रशासन ने राशन व खाने के प्रबंध कर दिए हैं। कॉलोनियों में सिर्फ सरकारी वेंडर ही राशन लेकर पहुंच रहे हैं। इसके साथ ही रुड़की के पनियाला गांव में भी जमाती कोरोना पॉजिटिव मिलने पर गांव को सील कर दिया है।

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रानीखेत में कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद कई इलाके सील:Uttarakhandsmachar

Uttarakhand Lock Down Live: रानीखेत में कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद कई इलाके सील

Updated Mon, 06 Apr 2020 11:01 AM
Ranikhet
उत्तराखंड में रविवार को पांच और जमाती कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए। प्रदेश में कुल 27 मरीज संक्रमित हो चुके हैं। वहीं, इनमें से संक्रमित तीन ट्रेनी आईएफएस को अस्पताल से घर भेजा जा चुका है।

लाइव अपडेट:


- रानीखेत में कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने के बाद सोमवार को बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। पुलिस ने कुरेशन, सुदामापुरी, खड़ी बाजार का इलाका सील कर दिया है। वहीं यहां बाजार में फालतू घूमने पर मुकदमा दर्ज करने की चेतावनी भी जारी की गई है। डोईवाला में पुराने संक्रमित मामले के बाद केशवपुरी बस्ती और जबरा वाला क्षेत्र को सील कर दिया है।
◆ अन्य खबरे ◆
- रुद्रपुर के इंदिरा चौक स्थित एसबीआई बैंक और एटीएम में लोगों की लंबी लाइन लग गई। यूको बैंक में भी लोगों की भीड़ देखने को मिली। मुख्य बाजार में किराना और मेडिकल स्टोर में कम भीड़ देखने को मिली।

- रुद्रप्रयाग जिले में बाजारों में जरूरी सामग्री की दुकानें खुलीं। लेकिन लोगों की आवाजाही बेहद कम है।
 

- रुड़की के कलियर में क्वारंटीन किए गए लोगों के मोबाइल रविवार रात जब्त कर लिए गए। पुलिस प्रशासन के साथ ही स्वास्थ्य विभाग की कई टीमों ने पूरी रात अभियान चलाया और सबके मोबाइल जमा करा लिए गए। बताया गया कि क्वारंटीन किए गए लोग देर रात तक मोबाइल पर बात करते थे। वहीं वे लोग एक-दूसरे को उनके परिचितों से भी बात करा रहे थे। मोबाइल पर एक दूसरे का हाथ लगने से संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ रहा था। इसलिए उनसे मोबाइल ले लिए गए हैं।

- हरिद्वार जिले में पुलिस ने अनोखी पहल शुरू की है। यहां मित्र पुलिस यमराज बनकर लोगों को कोरोना के खतरे से आगाह करती दिखाई दी।

- देहरादून के पटेलनगर इंडस्ट्रीयल क्षेत्र में कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए पीपीई (पर्सनल प्रोटेक्शन एग्जामिनेश) किट तैयारी की जा रही है।

- रामनगर मंडी में थोक विक्रेता सब्जियों की खरीदारी करते दिखे। बाकी सड़कें सुनसान दिखीं। बाजपुर मंडी में सुबह सब्जी लेकर वाहन पहुंचे तो खरीदार उमड़ पड़े। बाजपुर में एसबीआई बैंक के बाहर तक लोगों की लंबी लाइन लग गई। बागेश्वर में बाजार में लोग दिखाई दिए। यहां बैंक सुनसान दिखे। 
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कोरोना संक्रमित के साथ 45 मिनट की एक चूक ने खतरे में डाली 54 लोगों की जान, पढ़ें पूरा मामला...: UttarakhandSmachar

Coronavirus in Uttarakhand: कोरोना संक्रमित के साथ 45 मिनट की एक चूक ने खतरे में डाली 54 लोगों की जान, पढ़ें पूरा मामला...

 Updated Mon, 06 Apr 2020 01:30 AM
Pc : UttarakhandSmachar

विस्तार

कोरोना वायरस कितना खतरनाक है, यह जानते हुए भी राजस्थान के हॉटस्पॉट अलवर से लौटे जमाती को तबीयत खराब होने के बावजूद 45 मिनट तक घर जाने देने की एक छोटी सी कथित चूक ने 54 लोगों की जान को खतरे में डाल दिया।
घटना के चश्मदीद और चेकअप के लिए गांव के बाहर डॉक्टर बुलाने वाले शख्स का कहना है कि जांच के बाद युवक को घर में अलग-थलग रहने के निर्देश देते हुए कहा गया था कि जरूरत पड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया जा सकता है जबकि अधिकारी कह रहे हैं युवक चकमा देकर घर चला गया था। बहरहाल, चाहे जैसे वह घर पहुंचा, लेकिन इन चंद मिनटों में युवक ने घर जाकर स्नान किया और फिर नाश्ता किया।

कुछ देर बाद विभागीय टीम घर पहुंची और उसे सिविल अस्पताल में आइसोलेट कर दिया। शनिवार को रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो विभाग से लेकर गांव में खलबली मच गई। आनन-फानन में युवक और चश्मदीद के संपर्क में आने वाले 54 लोगों को उठा लिया गया।

31 मार्च की सुबह नारसन बॉर्डर पहुंचा था

दरअसल, पनियाला गांव का युवक जमात से 31 मार्च की सुबह नारसन बॉर्डर पहुंचा। यहां से उसके भाई और बुआ के बेटे कार से उसे गांव के बाहर तक ले आए। डॉक्टरों की टीम को खुद फोन कर बुलाने वाले गांव के मोमिन अंसारी बताते हैं कि करीब ढाई घंटे बाद पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जमाती का चेकअप किया। युवक ने यह भी बताया था कि उसे तबीयत खराब लग रही है। इस पर उसका तापमान आदि चेक कर डॉक्टरों ने कहा था कि फिलहाल वह घर जा सकता है, लेकिन परिवार वालों से अलग रहे।

जरूरत पड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया जा सकता है। लिहाजा युवक घर गया और एहतियातन सीधे बाथरूम में नहाने चला गया। इसके बाद आंगन में बैठकर नाश्ता किया। इस दौरान माता-पिता और भाई-बहनों समेत परिवार के सात लोग आसपास ही थे। करीब 45 मिनट बाद ही अचानक घर के बाहर एंबुलेंस पहुंची और युवक को अस्पताल ले गई।

वहीं, शनिवार को जब युवक की रिपोर्ट कोरोना पॉजीटिव आई तो पूरे गांव में दहशत फैल गई। हरकत में आए प्रशासन ने युवक के परिवार के सात लोगों को कलियर के एक गेस्ट हाउस में आइसोलेट कर दिया। साथ ही पूरा गांव सील कर उस 45 मिनट में युवक का चेकअप कराने वाले मोमिन और उनके परिवार के सदस्यों समेत उनके संपर्क में करीब 42 ग्रामीणों को भी गांव से ले जाकर कलियर में क्वारंटीन कर दिया।

यही नहीं पीड़ित युवक को गांव के बाहर तक कार से लाने वाले मंगलौर के मलकपुरा निवासी उसके बुआ के बेटे साथ ही गांव पर खतरा मंडरा गया है। बुआ बेटे समेत उसके संपर्क में आए पांच लोगों को भी कलियर में क्वारंटीन किया गया है। दूसरी ओर, सिविल अस्पताल प्रशासन इसमें पीड़ित युवक की लापरवाही बता रहा है।

अधिकारियों का कहना है कि युवक चकमा देकर घर पहुंचा था। टीम ने उसे ले जाकर आइसोलशन में रखा, लेकिन गांव वालों का कहना है कि जब वे गांव के बाहर ढाई घंटे तक युवक का चेकअप कराने के लिए विभागीय टीम का इंतजार करते रहे तो फिर उन्हें युवक को सीधे अस्पताल में भेजने में क्या आपत्ति होती?

पीड़ित युवक गांव के बाहर खड़े लोगों को चकमा देकर अपने घर पहुंच गया था। इसके बाद मौके पर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने युवक की जांच करने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया था।

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Sunday, April 5, 2020

Uttarakhand: चार और मरीज मिले कोरोना पॉजिटिव, तीन हैं जमाती, अब संक्रमितों की संख्या पहुंची 26 : UttarakhandSmachar

Coronavirus in Uttarakhand: चार और मरीज मिले कोरोना पॉजिटिव, तीन हैं जमाती, अब संक्रमितों की संख्या पहुंची 26

Updated Sun, 05 Apr 2020 05:30PM 
UttarakhandSmachar

उत्तराखंड में आज कोरोना के चार और मामले सामने आए हैं। सुबह नैनीताल के कालाढूंगी निवासी एक युवक में कोरोना पॉजिटिव पाया गया तो शाम को आई रिपोर्ट के अनुसार तीन और संक्रमित मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही अब प्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 26 हो गई है। 


डीजी हेल्थ डॉ. अमिता उप्रेती ने चार मरीजों में कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि की है। उनका कहना है कि तीन मामले देहरादून से हैं। ये तीनों जमात में शामिल होकर लौटे थे। वहीं, रामनगर संयुक्त अस्पताल के सीएमएस डॉ. बीडी जोशी ने बताया कि बेहतर इलाज के लिए युवक को हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल रेफर किया है।

वहीं, टनकपुर में क्वारंटीन में रखे गए 10 जमातियों की जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई है। उधर, बनबसा में क्वारंटीन में रखे गए कुछ कोरोना संदिग्ध मरीजों के ब्लड सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। 

चार दिनों में 19 संक्रमित मामले

शनिवार को भी प्रदेश में छह मरीज कोरोना पॉजिटिव सामने आए थे। इनमें से नैनीताल से पांच और हरिद्वार जनपद के रुड़की से एक मरीज संक्रमित पाए गए थे। प्रदेश में चार दिन के भीतर कोरोना संक्रमितों के 19 मामले सामने आए हैं।

स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि प्रदेश में अब तक आए पॉजिटिव मामलों में सभी संक्रमित बाहरी राज्यों से उत्तराखंड लौटे हैं। स्थानीय स्तर पर यह पहला मामला सामने आया है।  वहीं, देहरादून के तीन कोरोना संक्रमित जमाती अभी यूपी में भर्ती हैं।

ट्रेनी आईएफएस अस्पताल से डिस्चार्ज

लंबे समय से दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती ट्रेनी आईएफएस को डिस्चार्ज कर दिया गया है। 12 मार्च को इंदिरा गांधी नेशनल फॉरेस्ट अकादमी में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उनका सैंपल लिया था। सैंपल पॉजिटिव आने पर 15 मार्च को उन्हें राजकीय दून मेडिकल अस्पताल में भर्ती किया गया था। 

उनके कुल 7 सैंपल लिए गए। पहला दूसरा और तीसरा सैंपल पॉजिटिव आया था। चौथा सैंपल नेगेटिव आने पर उनमें ठीक होने की थोड़ी उम्मीद जगी। इसके बाद पांचवा सैंपल पॉजिटिव आने पर एक बार वह मायूस हो गए थे। अब उनका छठा और सातवां सैंपल नेगेटिव आने के बाद आज अस्पताल से छुट्टी मिल गई है।
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उत्तराखंड: जंगल की आग में जिंदा जली दो महिलाएं, तीसरी ने भागकर बचाई अपनी जान: Uttarakhandsmachar

उत्तराखंड: जंगल की आग में जिंदा जली दो महिलाएं, तीसरी ने भागकर बचाई अपनी जान

Uttarakhand : Bageshwar

उत्तराखंड के बागेश्वर में कपकोट क्षेत्र में घास काटने गई दो महिलाएं शनिवार देर शाम जंगल की आग में जिंदा जल गईं। एक महिला का शव शनिवार को ही बरामद कर लिया गया था। जबकि दूसरी महिला का शव रविवार सुबह बरामद हुआ। 

कपकोट के चचई गांव की महिला नंदी देवी (40) पत्नी मदन राम, इंदिरा देवी पत्नी तारा राम और गांव की एक अन्य महिला शनिवार शाम पुड़कुनी के जंगल में घास काटने गई थीं।

उस वक्त जंगल में आग लगी हुई थी। शाम करीब सात बजे आग की चपेट में आने से नंदी देवी पत्नी मदन राम बुरी तरह जल गई और उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं, इंदिरा देवी (36) पत्नी तारा राम का शव रविवार सुबह जंगल से बुरी तरह जली अवस्था में बरामद हुआ।

तीसरी ने भागकर बचाई जान

गांव की गंगा देवी भी इन महिलाओं के साथ घास काटने जंगल गई थी, उसने किसी तरह भागकर जान बचाई। भागते समय गिरकर उसके पैर में चोट लग गई। गंगा देवी ने घर आकर लोगों को घटना की जानकारी दी। 

पुलिस ने दोनों शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है।  कपकोट के पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने मृतकों के परिवार को कम से कम 20 लाख रुपये की मदद देने की मांग सरकार से की है।

उन्होंने कहा कि जंगल में आग में लगी हुई थी लेकिन फायर सीजन में भी वन विभाग का कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। उस वक्त गांव के लोग मौके पर पहुंचे। लोग नहीं जाते तो घटना का पता ही नहीं लगता।

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जंगल के रास्ते छिपकर देहरादून आए सात जमाती दबोचे, किया क्वारंटीन : Uttarakhandsmachar

Coronavirus Uttarakhand: जंगल के रास्ते छिपकर देहरादून आए सात जमाती दबोचे, किया क्वारंटीन

Pc: Uttarakhandsmachar

कोरोना संक्रमण से बचाव को पुलिस की अपील से जमाती बेअसर हैं। पुलिस ने बेहट की जमात से जंगल के रास्ते देहरादून की सीमा में आए डोईवाला के सात जमातियों को पकड़ लिया। मेडिकल जांच के बाद इन जमातियों को क्वारंटीन कर दिया गया। 
निजामुद्दीन मरकज़ में जमातियों में कोरोना पॉजिटिव आने के बाद से जमाती पुलिस और खुफिया विभाग के निशाने पर हैं। पुलिस लगातार मुस्लिम धर्म गुरुओं से संपर्क कर रही है कि जमाती खुद आगे आकर महामारी रोकने में सहयोग करें, लेकिन जमाती इसके लिए तैयार नहीं हैं। 

पुलिस अधीक्षक नगर श्वेता चौबे ने बताया खुफिया विभाग की मदद से शनिवार सुबह खबर मिली कि जमातियों की एक टोली पुलिस से बचने को जंगल के रास्ते आ रही हैं। इसी आधार पर पुलिस और मेडिकल टीम को नया गांव के जंगल में गोपनीय ढंग से भेजा गया।

इन सात जमातियों को सुद्दोवाला के एक इंस्टिट्यूट में क्वारंटीन कर दिया गया है। डोईवाला के ये जमाती 11 मार्च को सहारनपुर के बेहट में जमात में भाग लेने गए थे। पुलिस से बचने को इन लोगों ने बेहट से दून आने के लिए जंगल का रास्ता तय किया था। जमातियों को पकड़ने वाली पुलिस टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।

होम क्वारंटीन 128 जमातियों का सरकारी देखरेख में होगा उपचार

प्रदेश में एक मार्च के बाद आए सभी जमाती क्वारंटीन होंगे। राज्य में होम क्वारंटीन 128 जमातियों का इलाज भी अब सरकारी देखरेख में होगा। उन्हें सरकारी केंद्रों में शिफ्ट किया जा रहा है। साथ ही खुद को छिपाने वाले जमातियों पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं। पुलिस महानिदेशक अपराध अशोक कुमार ने शनिवार को राज्य के पुलिस कप्तानों के साथ वीडियो कांफ्रेस में ये निर्देश दिए हैं। 

मस्जिद के इमाम समेत 13 लोगों को किया क्वारंटीन

देहरादून के पांच जमातियों में कोरोना के पुष्टि होने के बाद पुलिस ने उनके सम्पर्क में आए मस्जिद के इमाम समेत 13 लोगों को देर रात क्वारंटीन कर दिया। इन लोगों के कोरोना संक्रमित होने की आशंका है।

निजामुद्दीन मरकज़ से देहरादून लौटे 31 जमातियों को पुलिस ने बुधवार रात को उठाकर क्वारंटीन किया था। इनमें से पांच जमातियों में कोरोना पॉजिटिव आया था। शुक्रवार रात रिपोर्ट आने के बाद से पुलिस और खुफिया तंत्र जमातियों के संपर्क में आए।

जांच में पता चला कि ये जमाती भगतसिंह कालोनी की एक मस्जिद में आने जाने के साथ कारगी में ठहरे हुए थे। एसपी सिटी की अगुवाई में पुलिस और मेडिकल टीम ने भगतसिंह कालोनी और कारगी से जमातियों के संपर्क में आए लोगों को उठाकर क्वारंटीन किया। मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही सही तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।

Thursday, April 2, 2020

हल्द्वानी स्पोर्ट्स स्टेडियम में रोके गए यात्रियों को किया जा रहा होम क्वारंटीन :Uttarakhand



Haldwani

उत्तराखंड में 1 अप्रैल को कोरोना का कोई पॉजिटिव मामला सामने नहीं आया। स्वास्थ्य विभाग ने राहत की सांस ली। वहीं, राज्य में सात पॉजिटिव मामले सामने आए हैं।

29 मार्च को राज्य में सातवें मरीज की रिपोर्ट की गई। जिनमें से दो संक्रमित हो चुके हैं। 590 संदिग्धों के नमूने लिए गए हैं। जिसमें 505 नमूने नेगेटिव बताए गए हैं। नमूने अभी तक रिपोर्ट नहीं किए गए हैं।

लाइव अपडेट:
हल्द्वानी- हल्द्वानी स्पोट्र्स स्टेडियम में रोके गए यात्रियों को होम क्वारंटीन किया जा रहा है। क्वारंटीन किए जाने वाले यात्रियों में ज्यादातर दिल्ली से आए लोग शामिल हैं। यहां चेकअप कर रहे डॉक्टरों के अनुसार ....
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Tuesday, March 31, 2020

इन वजहों से हुई 31 मार्च की यातायात सेवा रद्द जानिए क्या थी ये वजह?



देहरादून, राज्य ब्यूरो। राज्य में 31 मार्च को यात्रियों की आवाजाही के लिए अंतर-जिला छूट रद्द कर दी गई है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि केंद्र के निर्देशों के बाद यह कदम उठाया गया है। केंद्र सरकार ने देश के विभिन्न राज्यों में प्रवासी लोगों, श्रमिकों और अन्य लोगों के आंदोलन को लॉकडाउन के साथ-साथ सुरक्षित भौतिक दूरी के मानक का उल्लंघन बताया है। केंद्र ने प्रवासियों की आवाजाही रोकने का निर्देश दिया है।केंद्र ने प्रवासियों की आवाजाही को रोकने पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के भीतर अपने घर जाने के लिए जो व्यवस्था की गई थी, उसे निरस्त किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे कुछ कष्ट हो सकता है लेकिन कोरोना के खिलाफ जंग में यह सबके हित में है। उधर, मुख्य सचिव ने भी सभी जिलाधिकारियों को केंद्र के आदेशों के अनुपालन के क्रम में प्रवासियों की आवाजाही पर पूर्ण रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। आवश्यक वाहनों की आवाजाही को छोड़कर प्रदेश की सीमा को सील कर दिया जाए।

राज्य सरकार द्वारा कहा गया
शनिवार को राज्य सरकार ने राज्य के भीतर अन्य जिलों के लोगों को मंगलवार, 31 मार्च को शाम सात से आठ बजे


Saturday, March 28, 2020

जल्द ही अल्मोड़ा में भी लोगों को घर घर दवाएं मिलनी शुरू हो जाएंगी-Uttarakhandsmachar

जल्द ही अल्मोड़ा में भी लोगों को घर घर मिलने लगेंगी दवाईयां

अल्मोड़ा- देश में कोरोना महामारी और उथल-पुथल के बढ़ते संक्रमण को लेकर प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है। वर्तमान में, लोगों को लॉक डाउन में सुबह छूट के बावजूद दवाइयां लेने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इधर, अल्मोड़ा में दवाई विक्रेता अब घर-घर जाकर लोगों को दवा देने की तैयारी कर रहे हैं।
जिला कैमिस्ट एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष राघव पंत ने बताया कि औषधि नियंत्रक की ओर से दवा विक्रेताओं को जारी पत्र में घर-घर जाकर दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कहा है। ताकि गंभीर स्थिति के समय कोई भी मरीज बगैर दवाओं के न रहे। इसके बाद ड्रग और केमिस्ट एसोसिएशन ने लोगों को उनके घर पर दवाएं उपलब्ध कराने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। उन्होंने बताया कि जितने भी दवाई विक्रेता हैं उनसे संपर्क कर उनका ग्रुप बनाया जा रहा है। ताकि वह अपने अपने स्थानों में लोगों द्वारा फोन करने पर उनके घर जाकर दवाएं उपलब्ध करा सकें। प्रशासन की ओर से वाहन या फिर वाहन की परमिशन उपलब्ध होने पर यह सेवा नगर के बाद ग्रामीण अंचलों में भी शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि जिला केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष आशीष वर्मा ने ग्रामीण अंचलों में दवाओं कम होने पर उनकी पूर्ति कराने के लिए प्रयास भी शुरू कर दिए हैं।

पांचवेें दिन पहुंची दवा लेकिन काफी कम 

अल्मोड़ा- नगर में दवाई विक्रेताओं के पास पांचवें दिन दवाएं तो पहुंची लेकिन इनकी मात्रा काफी कम थी। इनमें भी बीपी, शुगर की दवाईयां ज्यादा थी। मालूम हो ट्रांसपोर्टेशन की दिक्कत के कारण पिछले चार दिन से पहाड़ के जिलों में दवा नहीं आ रही थी और दुकानों में पहुंचने वाले मरीजों को बैरंग लौटना पड़ रहा था। अमर उजाला में पिछले चार दिनों से दवा की कमी को लेकर खबर भी प्रकाशित हो रही थी। केमिस्ट एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष राघव पंत ने बताया कि शुक्रवार को चार दिन बाद दवाएं पहुंची लेकिन काफी कम मात्रा में ही उपलब्ध हो सकी हैं। सभी तरह की दवा लोगों को उपलब्ध हो सके इसके लिए ड्रग और केमिस्ट एसोसिएशन लगातार प्रयास कर रहा है।

अब अल्मोड़ा में भी राशन की होम डिलीवरी होगी

अल्मोड़ा- कोरोना संक्रमण को देखते हुए लॉकडाउन अवधि के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग को बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन की पहल पर घर बैठे दैनिक उपभोग की वस्तुओं की होम डिलीवरी की सुविधा शुरू की गई है। डीएम नितिन सिंह भदौरिया ने बताया कि होम डिलीवरी हिलांश आउटलेट, विशाल मेगा मार्ट, इजी-डे और कुमाऊं मार्ट द्वारा की जाएगी। उन्होंने बताया कि इसके लिए कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति को 9458115596 पर व्हाट्सएप से निर्धारित प्रारूप पर अपने जरूरत की चीजों की मांग कर सकता है। जिसमें चावल, दाल, आटा, तेल और मसाला, नमक, चीनी, चायपत्ती, साबुन, वॉशिंग पाउडर आदि उपलब्ध रहेंगे। डीएम ने बताया कि जरूरतमंद व्यक्ति अपने नाम, पता, मोबाइल नंबर 9458115596 पर व्हाटसप करेगा। जो कंट्रोल रूम द्वारा संबंधित नजदीकी स्टोर को भेजा जाएगा। संबंधित स्टोर प्राप्त सूची के आधार पर जरूरतमंद के घर पर राशन होम डिलीवरी करेगा।



Friday, March 27, 2020

अब सुबह 7 से दोपहर 1 बजे तक खुलेंगी इन आवश्यक चीजों की दुकानें ?


Uttarakhand Lockdown: शुक्रवार को सुबह सात से दोपहर एक बजे तक खुलेंगी आवश्यक चीजों की दुकानें



सरकार लॉकडाउन में आवश्यक वस्तुओं की खरीद के लिए शुक्रवार से समय बढ़ा रही है। आज, जनता आवश्यक सामान खरीदने के लिए सुबह 7 बजे से 1 बजे तक घर छोड़ सकती है, लेकिन चार पहिया निजी वाहनों (आवश्यक सेवाओं को छोड़कर) पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। केवल एक व्यक्ति (राइडर) दोपहिया वाहनों पर छोड़ सकता है। सरकार यह प्रयोग केवल शुक्रवार के लिए कर रही है। अगर व्यवस्था अच्छी रही तो इसे जारी रखा जाएगा।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में गुरुवार को उच्च अधिकारियों की बैठक हुई। मुख्यमंत्री ने इस बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। लॉकडाउन के दौरान, जनता के लिए आवश्यक वस्तुओं की खरीद के लिए समय सुबह 7 से 10 बजे तक बढ़ाया गया है।इस अवधि के दौरान, चार-पहिया वाहनों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है, लेकिन आवश्यक सेवाओं में लगे चार-पहिया वाहन चलाने में सक्षम होंगे। बैठक में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, डीजीपी अनिल कुमार रतूड़ी, सचिव नितेश झा, अमित नेगी और सुशील कुमार उपस्थित थे।

नई व्यवस्था में ये प्रावधान हैं
●- सब्जी की ठेलियां इस दौरान मोहल्लों में जा सकेंगी।
●- दूध की सप्लाई दिनभर रहेगी सुचारु।
●- चार पहिया निजी वाहनों के संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध।
●- फूड प्रोसेसिंग से संबंधित फैक्टरियां चलती रहेंगी।
●- छोटी आटा चक्कियों को भी खोलने की दी अनुमति।
●- थोक राशन सप्लाई दिनभर की जा सकेगी।

आवश्यक वस्तुओं की खरीद के लिए तय व्यवस्था में यह सामने आ रहा था कि कम समय के कारण बाजार में अधिक भीड़ है। इसके कारण, पुलिस को सामाजिक दूरी बनाए रखने में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। हमने एक दिन के लिए समय तीन घंटे तक बढ़ा दिया है। इसके साथ कुछ शर्तें लगाई जाती हैं। अगर इसका सही तरीके से पालन किया जाता है, तो इसे जारी रखा जाएगा - मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत

देहरादून और अल्मोड़ा में पांच और जमाती मिले कोरोना पॉजिटिव, संक्रमितों की संख्या पहुंची 31 : Uttarakhandsmachar

Coronavirus Uttarakhand: देहरादून और अल्मोड़ा में पांच और जमाती मिले कोरोना पॉजिटिव, संक्रमितों की संख्या पहुंची 31 Updated Mon, 06 Apr ...